एक भाई अपनी ज़िंदगी बचाने की गुहार लगा रहा है…
मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, ज़रा एक पल के लिए सोचिए…
आज हम अपने घरों में सुरक्षित बैठे हैं। हमारे सिर पर छत है, हमारी बीवी और बच्चे हमारे साथ हैं। हम अपने परिवार के साथ सुकून की ज़िंदगी जी रहे हैं। अल्लाह का कितना बड़ा करम है कि उसने हमें ये सारी नेमतें दी हैं।
लेकिन दूसरी तरफ हमारा ही एक भाई है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है। आज इस भाई के सामने सिर्फ बीमारी की परेशानी नहीं, बल्कि इलाज के लिए पैसों की भी बहुत बड़ी मजबूरी है।
हालात इतने मुश्किल हो चुके हैं कि उन्हें सड़क पर रहने तक की नौबत आ गई है। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इलाज शुरू नहीं हुआ, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
सोचिए, एक इंसान जो सिर्फ अपनी ज़िंदगी बचाना चाहता है, आज लोगों के सामने मदद की गुहार लगा रहा है।
मेरे मुस्लिम भाइयों और बहनों, आज हमें आगे आने की ज़रूरत है। हो सकता है आपकी छोटी-सी मदद उनके इलाज का रास्ता आसान कर दे। हो सकता है आपका योगदान उनके परिवार को एक नई उम्मीद दे दे।
आज एक ज़िंदगी को आपकी मदद की ज़रूरत है। आप ₹250, ₹500, ₹1,000 या अपनी हैसियत के मुताबिक जितना संभव हो, सहयोग कीजिए।
अगर आप खुद मदद नहीं कर सकते, तो इस अपील को दूसरों तक ज़रूर पहुँचाइए। मेरे भाइयों, आज इस इंसान को आपकी जरूरत है। आइए, मिलकर इस भाई के इलाज में मदद करें।
अल्लाह तआला इस भाई को शिफा-ए-कामिला अता फरमाए और मदद करने वाले सभी लोगों के रिज़्क़ में बरकत दे।